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Wednesday, 13 April 2016

जलियांवाला बाग: आज भी बाकी हैं निशां...

यही वह कुआं है, जिसमें आज से ठीक 97 साल पहले, 13 अप्रैल 1919 को हुए जलियांवाला बाग हत्याकांड के दौरान अपनी जान बचाने के लिए जाने कितने लोग कूद गए थे। उनमें आदमी थे, और औरतें भी, बच्चे थे और बूढ़े भी। उस नरसंहार के बाद इस कुएं से 120 शव निकाले गए थे।


जलियांवाला बाग में जनरल डायर के इशारे पर हुए नरसंहार के ठीक बाद का दृश्य।


जलियांवाला बाग में जनरल डायर के इशारे पर हुए नरसंहार के ठीक बाद का दृश्य।


उस भयानक दिन के एक-एक लम्हे की छाप है यहां।


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